7 मुखी रुद्राक्ष के फायदे, नियम और नुकसान | 7 Mukhi Rudraksha Benefits in Hindi

7 मुखी रुद्राक्ष के फायदे, नियम और नुकसान | 7 Mukhi Rudraksha Benefits in Hindi

सात मुखी रुद्राक्ष (7 मुखी रुद्राक्ष) हिंदू धर्म और ज्योतिष में अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र माना गया है। इसे मां महालक्ष्मी और शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह रुद्राक्ष केवल एक बीज या आभूषण नहीं, बल्कि एक दिव्य शक्ति का प्रतीक है जो जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम होता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि 7 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति को मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है, जीवन से दरिद्रता और आर्थिक संकट दूर होते हैं, साथ ही शनि के दुष्प्रभाव भी कम हो जाते हैं। यही कारण है कि यह रुद्राक्ष भौतिक, मानसिक, आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन में गहरा प्रभाव डालता है।

अब आइए विस्तार से जानते हैं 7 मुखी रुद्राक्ष के फायदे, 7 मुखी रुद्राक्ष पहनने के नियम और इसके संभावित नुकसान।

7 मुखी रुद्राक्ष के 10 फायदे | Saat Mukhi Rudraksh ke 10 Fayde

1. धन, समृद्धि और स्थिरता का वरदान

7 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति के आर्थिक जीवन में स्थिरता आती है। यह नौकरी, व्यापार, निवेश और धन से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान करने वाला माना जाता है। अचानक होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाता है और लगातार धन प्राप्ति के मार्ग खोलता है। खासकर व्यापारियों और व्यवसायियों के लिए यह रुद्राक्ष चमत्कारी साबित होता है।

2. मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है

शास्त्रों के अनुसार 7 मुखी रुद्राक्ष मां महालक्ष्मी का प्रतीक है। इसे धारण करने से धन, वैभव, सुख-सुविधाएं और ऐश्वर्य प्राप्त होता है। यह रुद्राक्ष गरीबी से मुक्ति दिलाता है और जीवन में कभी दरिद्रता नहीं आने देता।

3. शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव से रक्षा

7 मुखी रुद्राक्ष शनि देव से जुड़ा हुआ है। जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि महादशा चल रही हो, उनके लिए यह रुद्राक्ष बहुत उपयोगी है। यह अशुभ प्रभावों को कम करता है, दुर्भाग्य से बचाता है और मानसिक संतुलन बनाए रखता है।

4. नकारात्मक ऊर्जा और शत्रुओं से सुरक्षा

सात मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति के चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा का कवच बन जाता है। यह शत्रुओं की बुरी नजर, ईर्ष्या और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा प्रदान करता है।

5. मुकदमों और विवादों में विजय

जिन लोगों पर कानूनी केस, सरकारी अड़चनें या विवाद चल रहे हों, उनके लिए 7 मुखी रुद्राक्ष एक वरदान है। यह आत्मविश्वास और साहस बढ़ाता है जिससे व्यक्ति हर परिस्थिति का डटकर सामना करता है और विजय प्राप्त करता है।

6. स्वास्थ्य लाभ और रोग प्रतिरोधक क्षमता

7 मुखी रुद्राक्ष के फायदे में शारीरिक स्वास्थ्य प्रमुख है। इसे पहनने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह हड्डियों की कमजोरी, गठिया, जोड़ों के दर्द, गले की समस्या और पाचन संबंधी रोगों से राहत दिलाता है।

7. मानसिक शांति और आत्मविश्वास में वृद्धि

यह रुद्राक्ष धारण करने से मानसिक शांति मिलती है। तनाव, बेचैनी, भय और नकारात्मक विचार कम होते हैं। साथ ही आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ती है।

8. करियर और व्यवसाय में सफलता

नेता, शिक्षक, वक्ता, प्रशासक और प्रबंधन क्षेत्र के लोगों के लिए 7 मुखी रुद्राक्ष अत्यंत लाभकारी है। यह करियर में तरक्की, प्रतिष्ठा और सम्मान दिलाता है।

9. आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक दृष्टिकोण

सात मुखी रुद्राक्ष साधना और ध्यान के लिए आदर्श माना जाता है। इसे पहनने से मन एकाग्र होता है और व्यक्ति आध्यात्मिक मार्ग पर प्रगति करता है। साथ ही जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित होता है।

10. जीवन की बाधाओं को दूर करता है

7 मुखी रुद्राक्ष जीवन में आने वाली रुकावटों, अचानक उत्पन्न होने वाली कठिनाइयों और बाधाओं को दूर करता है। यह सफलता और सुख की राह को सरल बनाता है।

Janne एक मुखी रुद्राक्ष किसे पहनना चाहिए?

7 मुखी रुद्राक्ष पहनने के नियम | 7 Mukhi Rudraksha Pehne ke Niyam

7 मुखी रुद्राक्ष पहनने के नियम का पालन करना बेहद आवश्यक है, क्योंकि शास्त्रों में कहा गया है कि रुद्राक्ष तभी पूर्ण फल देता है जब इसे सही विधि, शुद्धता और आस्था के साथ धारण किया जाए। सात मुखी रुद्राक्ष मां महालक्ष्मी का प्रतीक है और इसका संबंध शनि ग्रह से माना जाता है। इसलिए इसे पहनने से पहले और बाद में कुछ विशेष नियमों और सावधानियों का पालन करना जरूरी है।

1. शुद्धिकरण अनिवार्य है

रुद्राक्ष को धारण करने से पहले उसका शुद्धिकरण करना अत्यंत आवश्यक है। शुद्धिकरण के लिए सबसे पहले रुद्राक्ष को गंगाजल या साफ पानी से धोएं। इसके बाद इसे कच्चे दूध, शहद और घी से स्नान कराकर पुनः गंगाजल से धो लें। यह प्रक्रिया रुद्राक्ष की सारी नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और इसे धारण करने योग्य बनाती है। शुद्धिकरण के समय भगवान शिव और माता लक्ष्मी का ध्यान करना चाहिए, ताकि रुद्राक्ष और भी पवित्र और ऊर्जावान हो जाए।

2. शुभ दिन और समय

सात मुखी रुद्राक्ष को धारण करने के लिए सोमवार और शनिवार का दिन सबसे शुभ माना गया है। विशेषकर शुक्ल पक्ष के सोमवार या शनिवार को इसे पहनना श्रेष्ठ फल देता है। सुबह के समय स्नान करने के बाद, पवित्र मन और तन से पूजा करके ही इसे धारण करना चाहिए।

3. धारण विधि

सात मुखी रुद्राक्ष को आप लाल या पीले धागे में पहन सकते हैं। इसके अलावा, यदि चाहें तो चांदी या सोने के लाकेट में बनवाकर गले में धारण किया जा सकता है। रुद्राक्ष हमेशा हृदय के समीप यानी छाती के पास पहनना सबसे उत्तम माना जाता है।

4. मंत्र जाप का महत्व

रुद्राक्ष को धारण करने से पहले मंत्र जाप करना आवश्यक है। सात मुखी रुद्राक्ष के लिए विशेष मंत्र है: “ॐ हूं नमः”। इस मंत्र का 108 बार जप करने के बाद ही रुद्राक्ष को पहनना चाहिए। मंत्र जाप से रुद्राक्ष की शक्तियां जागृत होती हैं और यह धारक को तुरंत लाभ देना शुरू कर देता है।

5. सात्विक जीवनशैली का पालन

सात मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाले को हमेशा सात्विक जीवनशैली अपनानी चाहिए। इसका मतलब है कि शराब, मांसाहार, प्याज-लहसुन और तामसिक भोजन का सेवन न करें। मन को पवित्र और शांत बनाए रखने के लिए नियमित ध्यान और प्रार्थना करें। ऐसा करने से रुद्राक्ष की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।

6. सोते समय क्या करें

रात को सोते समय सात मुखी रुद्राक्ष को उतार देना चाहिए। इसे सुरक्षित और पवित्र स्थान पर रखकर ही सोएं। ऐसा करने से रुद्राक्ष की ऊर्जा सुरक्षित रहती है और यह लंबे समय तक प्रभावशाली बना रहता है।

7. पूजा और अर्पण

रुद्राक्ष को प्रतिदिन पूजा में शामिल करना चाहिए। सुबह उठकर इसे भगवान शिव और माता लक्ष्मी को अर्पित करें और धूप-दीप दिखाएं। नियमित पूजा से रुद्राक्ष में मौजूद सकारात्मक ऊर्जा निरंतर सक्रिय रहती है और आपको स्थायी लाभ मिलता है।

8. दूसरों को न दें

रुद्राक्ष एक व्यक्तिगत वस्तु है, जिसे कभी भी किसी और को पहनने के लिए नहीं देना चाहिए। हर व्यक्ति की अपनी ऊर्जा और कर्म होते हैं, इसलिए यदि कोई दूसरा इसे पहनता है तो उसकी ऊर्जा मिलकर रुद्राक्ष की शक्ति कम कर देती है।

9. टूटा हुआ रुद्राक्ष न पहनें

यदि सात मुखी रुद्राक्ष फट जाए, टूट जाए या उसमें कोई दरार आ जाए तो उसे तुरंत उतार देना चाहिए। टूटे हुए रुद्राक्ष को धारण करने से शुभ फल नहीं मिलता बल्कि नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकते हैं। ऐसे में नया और शुद्ध रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।

10. श्रद्धा और विश्वास सबसे आवश्यक

रुद्राक्ष पहनने का सबसे बड़ा नियम है भक्ति और विश्वास। यदि आप इसे केवल आभूषण या फैशन के लिए पहनते हैं तो आपको पूर्ण लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन यदि इसे सच्चे मन से, श्रद्धा और विश्वास के साथ धारण करते हैं तो यह चमत्कारी परिणाम देता है।

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7 मुखी रुद्राक्ष पहनने के नुकसान | Saat Mukhi Rudraksha Ke Nuksan

7 मुखी रुद्राक्ष को शास्त्रों में अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना गया है। यह मां महालक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और शनि ग्रह के दुष्प्रभाव को कम करता है। लेकिन ज्योतिष और पुराणों में स्पष्ट कहा गया है कि यदि इसे बिना नियम, अशुद्ध मन, या अनुचित समय पर धारण किया जाए तो इसके कुछ दुष्प्रभाव (Side Effects) भी हो सकते हैं। इसलिए रुद्राक्ष को धारण करने से पहले इसके सही नियम और विधि का पालन करना आवश्यक है।

1. भावनात्मक संवेदनशीलता और मूड स्विंग्स

यदि सात मुखी रुद्राक्ष को शुद्धिकरण और मंत्र जाप के बिना पहन लिया जाए तो यह मन में भावनात्मक असंतुलन पैदा कर सकता है। कई बार धारक को अचानक गुस्सा, उदासी या मूड स्विंग्स का अनुभव हो सकता है।

2. चिड़चिड़ापन और मानसिक बेचैनी

शनि ग्रह के प्रभाव से जुड़ा यह रुद्राक्ष यदि गलत तरीके से धारण किया जाए तो चिड़चिड़ापन, मानसिक तनाव और बेचैनी बढ़ सकती है। यह असर विशेष रूप से उन लोगों पर ज्यादा देखा जाता है जो अनुशासनहीन जीवन जीते हैं।

3. निराशा और अधीरता

यदि रुद्राक्ष धारण करने वाला व्यक्ति धैर्यवान नहीं है और हमेशा अधीरता दिखाता है, तो 7 मुखी रुद्राक्ष उल्टा प्रभाव डाल सकता है। यह कई बार निराशा और नकारात्मक सोच को बढ़ा देता है।

4. त्वचा पर एलर्जी या असहजता

कुछ लोगों को धागे या धातु (सोना/चांदी) के लाकेट से एलर्जी हो सकती है। ऐसे में त्वचा पर खुजली, लालपन या असहजता महसूस हो सकती है। हालांकि यह रुद्राक्ष की वजह से नहीं बल्कि इसके धारण करने की सामग्री के कारण होता है।

5. शनि की अत्यधिक अशुभ स्थिति में डर या असमंजस

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि अत्यधिक अशुभ स्थिति में हो और रुद्राक्ष सही परामर्श के बिना धारण किया जाए, तो यह डर, असमंजस और मानसिक अस्थिरता को बढ़ा सकता है। ऐसे मामलों में किसी ज्योतिषी या ज्ञानी आचार्य से परामर्श लेना चाहिए।

6. तामसिक जीवनशैली अपनाने पर लाभ कम होना

जो लोग शराब, मांसाहार या तामसिक भोजन करते हैं, उनके लिए सात मुखी रुद्राक्ष के लाभ बहुत कम हो जाते हैं। यदि इन आदतों को धारण करने के बाद भी नहीं छोड़ा जाता तो इसके सकारात्मक प्रभाव धीरे-धीरे निष्क्रिय हो सकते हैं।

7. अपवित्र स्थानों पर पहनने से ऊर्जा प्रभावित होना

यदि रुद्राक्ष को श्मशान, अंतिम संस्कार या किसी अपवित्र स्थान पर पहना जाए तो इसकी ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। ऐसे समय इसे उतारकर सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए।

8. नींद में बाधा या बेचैनी

रात को सोते समय रुद्राक्ष पहनकर सोने से कई बार बेचैनी, अनिद्रा या अजीब सपने आने जैसी स्थिति हो सकती है। इसलिए इसे सोते समय उतार देना ही उचित है।

7 मुखी रुद्राक्ष की पहचान करने के तरीके | Saat Mukhi Rudraksha ki Pehchan kaise kare

7 मुखी रुद्राक्ष मां महालक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और इसका संबंध शनि ग्रह से होता है। इसे धारण करने से जीवन में धन, सुख, समृद्धि और शनि दोष से मुक्ति मिलती है। लेकिन यह तभी संभव है जब रुद्राक्ष असली और प्राकृतिक हो। आजकल बाजार में नकली या कृत्रिम रूप से बनाए गए रुद्राक्ष भी आसानी से मिल जाते हैं, जिन्हें पहचानना आम इंसान के लिए कठिन होता है। इसलिए असली और नकली 7 मुखी रुद्राक्ष की पहचान (Identification) जानना बेहद ज़रूरी है।

1. सात खांचे (मुख)

7 मुखी रुद्राक्ष की सबसे प्रमुख पहचान इसके सात खांचे या धारियां होती हैं। ये खांचे ऊपर से नीचे तक पूरे बीज पर समान रूप से दिखाई देते हैं। यदि खांचे कम या ज्यादा हों, या फिर बहुत असमान रूप में दिखाई दें, तो वह रुद्राक्ष असली नहीं हो सकता।

2. आकार और रंग

प्राकृतिक सात मुखी रुद्राक्ष का आकार अधिकतर गोल या अंडाकार होता है। इसका रंग हल्के भूरे से गहरे भूरे तक हो सकता है। कई बार यह हल्की लालिमा लिए हुए भी दिखाई देता है। यदि रंग बहुत चमकदार, चिकना या कृत्रिम रूप से पॉलिश किया हुआ लगे, तो वह नकली हो सकता है।

3. प्राकृतिक बनावट

असली रुद्राक्ष की सतह खुरदरी और प्राकृतिक मिट्टी जैसी बनावट वाली होती है। इसमें हल्की असमान रेखाएं और अनियमितता होती है, जो इसे और भी वास्तविक बनाती हैं। इसके विपरीत नकली रुद्राक्ष अक्सर बहुत ही चिकने और एक जैसे पैटर्न वाले होते हैं।

4. प्राकृतिक छेद

हर असली 7 मुखी रुद्राक्ष के बीच से एक प्राकृतिक छेद बना होता है। यह छेद पूरी तरह प्राकृतिक होता है और इसमें इंसानी हस्तक्षेप नहीं होता। नकली रुद्राक्ष में अक्सर छेद कृत्रिम रूप से किया जाता है, जो देखने पर साफ समझ आता है।

5. भार (Weight)

असली रुद्राक्ष हमेशा अपने आकार के अनुसार थोड़ा भारी महसूस होता है। अगर रुद्राक्ष बहुत हल्का या खोखला लगे, तो वह नकली हो सकता है। असली बीज घनत्व में ठोस और मजबूत होते हैं।

6. फ्लोट टेस्ट (Float Test)

असली रुद्राक्ष को जब गुनगुने पानी में डाला जाता है तो वह डूब जाता है, जबकि नकली रुद्राक्ष (लकड़ी, प्लास्टिक या अन्य सामग्री से बने हुए) पानी में तैर सकते हैं। हालांकि, यह टेस्ट पूरी तरह निर्णायक नहीं है, क्योंकि कभी-कभी असली रुद्राक्ष में भी अंदर से दरार या क्षति होने पर वह पानी में तैर सकता है।

7. प्रामाणिकता का प्रमाण पत्र

असली 7 मुखी रुद्राक्ष की पहचान का सबसे भरोसेमंद तरीका है कि इसे हमेशा किसी विश्वसनीय और प्रमाणित विक्रेता से ही खरीदें। खरीदते समय लैब-टेस्टेड ऑथेंटिसिटी सर्टिफिकेट ज़रूर लें। यह प्रमाण पत्र आपके रुद्राक्ष की वास्तविकता की गारंटी देता है।

कैसा होता है 7 मुखी रुद्राक्ष? | 7 Mukhi Rudraksha Kesa Hota hai

7 मुखी रुद्राक्ष एक दिव्य और प्राकृतिक बीज है, जिसकी सतह पर सात स्पष्ट धारियां या रेखाएं (मुख) होती हैं। ये मुख रुद्राक्ष के पूरे बीज पर ऊपर से नीचे तक फैले रहते हैं। इसका रंग हल्के भूरे से गहरे भूरे तक होता है और कई बार इसमें हल्की लालिमा भी दिखाई देती है। यह आकार में प्रायः गोल या अंडाकार होता है और इसकी सतह थोड़ी खुरदरी व प्राकृतिक बनावट लिए होती है।

शास्त्रों में सात मुखी रुद्राक्ष को मां महालक्ष्मी और शनि देव से संबंधित माना गया है। मां लक्ष्मी की कृपा से यह रुद्राक्ष जीवन में धन, सुख और समृद्धि प्रदान करता है, जबकि शनि देव से जुड़ा होने के कारण यह शनि ग्रह के अशुभ प्रभावों को कम करता है। इसीलिए इसे अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली रुद्राक्ष माना गया है।

7 मुखी रुद्राक्ष का महत्व

सात मुखी रुद्राक्ष केवल एक बीज नहीं, बल्कि एक ऐसा आध्यात्मिक और ज्योतिषीय साधन है जो व्यक्ति के जीवन को हर स्तर पर संतुलित करता है। यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास और स्थिरता लाता है। जिन लोगों की कुंडली में शनि दोष या आर्थिक परेशानियां रहती हैं, उनके लिए यह रुद्राक्ष बहुत लाभकारी सिद्ध होता है।

निष्कर्ष

7 मुखी रुद्राक्ष न केवल एक पवित्र रुद्र बीज है बल्कि यह जीवन में स्थिरता, धन, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करने वाला चमत्कारी साधन भी है। 7 मुखी रुद्राक्ष के फायदे इतने व्यापक हैं कि इसे धारण करने वाला व्यक्ति अपने जीवन के हर क्षेत्र में प्रगति और सफलता प्राप्त कर सकता है। हालाँकि, 7 मुखी रुद्राक्ष पहनने के नियम का पालन करना बेहद आवश्यक है। यदि इसे बिना शुद्धिकरण या अशुद्ध मन से धारण किया जाए तो इसके लाभ कम हो सकते हैं या कुछ दुष्प्रभाव भी दिखाई दे सकते हैं।

इसलिए, इसे हमेशा शुद्ध मन, श्रद्धा और सही विधि से धारण करें। यदि सही तरीके से पहना जाए तो सात मुखी रुद्राक्ष जीवन को सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मकता से भर देता है और यह व्यक्ति को नकारात्मक ऊर्जाओं से बचाकर दिव्य शक्ति का आशीर्वाद प्रदान करता है।

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