Nikita Jain

Nikita Jain is an astrologer who knows a lot about stars, planets, numbers, palm reading, and gemstones. She comes from a family that has been helping people with astrology for over 60 years. Nikita helps people understand their problems and gives them the right advice. She also suggests the best gemstones to wear based on astrology to bring good luck, peace, and success. Many people from around the world trust her guidance.

पुखराज रत्न किसे पहनना चाहिए | Pukhraj Kisko Pahnana Chahie

पुखराज रत्न किसे पहनना चाहिए | Pukhraj Kisko Pahnana Chahie

पुखराज (Yellow Sapphire) रत्न वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह का प्रतीक माना गया है। बृहस्पति को देवताओं का गुरु कहा जाता है, जो ज्ञान, धर्म, समृद्धि, सुख, सम्मान और संतान सुख देने वाला ग्रह है। इसलिए यह रत्न जीवन में धन, शिक्षा, करियर, वैवाहिक सुख और संतान प्राप्ति जैसे क्षेत्रों में विशेष लाभ प्रदान करता […]

पुखराज किस उंगली में पहने | Pukhraj Konsi Ungli Me Pahne

पुखराज किस उंगली में पहने | Pukhraj Konsi Ungli Me Pahne

पुखराज (Yellow Sapphire) रत्न को वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह का प्रतीक माना जाता है। बृहस्पति को देवताओं का गुरु कहा गया है, जो ज्ञान, धर्म, धन, सुख और वैवाहिक जीवन को संवारने वाला ग्रह है। इसलिए पुखराज को धारण करने से इंसान के जीवन में धन-संपत्ति, सम्मान, शिक्षा और भाग्य के योग मजबूत होते

N नाम की राशि (N Naam Ki Rashi) - न अक्षर वालों की राशि कौन सी है?

N नाम की राशि (N Naam Ki Rashi) – न अक्षर वालों की राशि कौन सी है?

वैदिक ज्योतिष के अनुसार किसी व्यक्ति के नाम का पहला अक्षर उसके व्यक्तित्व, सोचने के ढंग, स्वभाव, जीवनशैली और भाग्य तक को प्रभावित करता है। यह केवल संयोग नहीं है कि आपके नाम का आरंभ जिस अक्षर से होता है, वही आपकी राशि तय करता है। यदि आपका नाम N अक्षर से शुरू होता है

M Naam Ki Rashi: M नाम की राशि, स्वभाव, भविष्यफल और 2026 का राशिफल

M Naam Ki Rashi: M नाम की राशि, स्वभाव, भविष्यफल और 2025 का राशिफल

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, किसी भी व्यक्ति के नाम का पहला अक्षर उनके स्वभाव, जीवन और भाग्य पर महत्वपूर्ण असर डालता है। इसलिए, नाम अक्षर राशिफल या नाम की राशि का अध्ययन आज भी ज्योतिष में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। अगर आपका नाम “M” अक्षर (M letter) से शुरू होता है, तो यह लेख आपके

R Naam Ki Rashi Kya Hai | R Aksar Ki Rashi | R नाम वालों की राशि और कैसे होते है

R Naam Ki Rashi: R नाम की राशि वालों का स्वभाव, भविष्यफल और 2025 का राशिफल

ज्योतिष शास्त्र में नाम के पहले अक्षर का गहरा महत्व माना गया है। नाम का शुरुआती अक्षर न सिर्फ हमारी राशि और नक्षत्र को दर्शाता है, बल्कि यह हमारे व्यक्तित्व, सोचने के तरीके, रिश्तों, करियर और जीवन की दिशा पर भी असर डालता है। इसी वजह से नाम राशि ज्योतिष (Naam Rashi Jyotish) आज भी

D Naam Ki Rashi: D नाम की राशि वालों का स्वभाव, भविष्यफल और 2026 का राशिफल

D Naam Ki Rashi: D नाम की राशि वालों का स्वभाव, भविष्यफल और 2025 का राशिफल

ज्योतिष शास्त्र में नाम के पहले अक्षर का विशेष महत्व माना गया है। माना जाता है कि किसी भी व्यक्ति का नाम जिस अक्षर से शुरू होता है, वही अक्षर उसकी राशि और ग्रह-नक्षत्रों से गहरा संबंध रखता है। इसी वजह से “नाम अक्षर राशिफल” या “नाम राशि ज्योतिष” आज भी लोगों के बीच काफी

अ नाम की राशि (A Naam Ki Rashi) - अ अक्षर वालों की राशि कौन सी है?

अ नाम की राशि (A Naam Ki Rashi) – अ अक्षर वालों की राशि कौन सी है?

ज्योतिष शास्त्र में नाम का पहला अक्षर बहुत खास महत्व रखता है। यह अक्षर केवल एक पहचान भर नहीं होता, बल्कि हमारे व्यक्तित्व, स्वभाव और जीवन की दिशा को भी प्रभावित करता है। किसी भी व्यक्ति के नाम से जुड़ा अक्षर उसकी राशि तय करता है और उसी आधार पर उसका स्वभाव, भाग्य और जीवन

K नाम की राशि (K Naam ki Rashi): स्वभाव, व्यक्तित्व, प्रेम, करियर और जीवन से जुड़े राज

K नाम की राशि (K Naam ki Rashi): स्वभाव, व्यक्तित्व, प्रेम, करियर और जीवन से जुड़े राज

ज्योतिष शास्त्र में किसी भी व्यक्ति के नाम के पहले अक्षर का गहरा महत्व माना जाता है। नाम के शुरुआती अक्षर से व्यक्ति के स्वभाव, व्यक्तित्व, सोचने के तरीके, रिश्तों और जीवन की दिशा के बारे में कई बातें जानी जा सकती हैं। जिन लोगों का नाम अंग्रेजी के ‘K’ अक्षर (या हिंदी में क,

नाम के अक्षर से जानें राशि | 12 Rashi Names in Hindi and English

नाम के अक्षर से जानें राशि | 12 Rashi Names in Hindi and English

जब किसी शिशु का जन्म होता है, तो उसके जीवन का पहला कदम नामकरण होता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार यह नाम सिर्फ पहचान भर नहीं है, बल्कि चंद्र राशि पर आधारित एक गहरा ज्योतिषीय संकेत भी है। नाम का पहला अक्षर चंद्र राशि से निर्धारित किया जाता है। इसलिए नामकरण संस्कार के समय ज्योतिषी

Emerald Stone in Hindi | पन्ना रत्न की पूरी जानकारी

Emerald Stone in Hindi | पन्ना रत्न की पूरी जानकारी

रत्नों की दुनिया में पन्ना रत्न (Emerald) का एक खास स्थान है। यह गहरा हरा, पारदर्शी या अर्ध-पारदर्शी रत्न होता है जिसे ज्योतिष और आभूषण दोनों में बहुत महत्व दिया जाता है। पन्ना बुध ग्रह (Mercury) का प्रतिनिधि माना जाता है और इसे पहनने से बुध संबंधित लाभ – बुद्धि, वाणी में मिठास, व्यापार में

सफेद पुखराज किस उंगली में धारण करना चाहिए? | Safed Pukhraj Konsi Ungli Me Pahne

सफेद पुखराज किस उंगली में धारण करना चाहिए? | Safed Pukhraj Konsi Ungli Me Pahne

रत्न विज्ञान में हर रत्न किसी ग्रह से जुड़ा होता है और उसे सही तरीके से धारण करने पर ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा हमारे जीवन को प्रभावित करती है। सफेद पुखराज (White Sapphire) एक अत्यंत शुभ और प्रभावशाली रत्न है, जिसे मुख्य रूप से शुक्र ग्रह (Venus) का प्रतिनिधि माना जाता है। शुक्र ग्रह जीवन

क्या पुखराज चांदी में पहनना चाहिए?

क्या पुखराज चांदी में पहनना चाहिए?

पुखराज (Yellow Sapphire) एक बेहद शक्तिशाली और शुभ रत्न है, जिसे ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह का प्रतिनिधि माना गया है। यह रत्न पहनने से ज्ञान, समृद्धि, विवाह, संतान सुख और करियर में प्रगति मिलती है। लेकिन इन सभी फायदों का पूरा असर तभी मिलता है, जब इसे सही धातु में जड़वाकर और ज्योतिषीय नियमों का

पुखराज किस दिन पहनना चाहिए? | Pukhraj Kis Din Pehna Chahiye

पुखराज किस दिन पहनना चाहिए? | Pukhraj Kis Din Pehna Chahiye

पुखराज (Yellow Sapphire) रत्न ज्योतिष शास्त्र में सबसे प्रभावशाली और शुभ रत्नों में से एक है। इसका रंग हल्के पीले से लेकर गहरे सुनहरे तक पाया जाता है। यह रत्न मुख्य रूप से श्रीलंका, थाईलैंड और अफ्रीका से प्राप्त होता है। हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष में इसे बृहस्पति ग्रह का रत्न माना जाता है।

पुखराज रत्न कितने रत्ती का पहनना चाहिए? | Pukhraj Kitne Ratti ka Pahnana Chahie

पुखराज रत्न कितने रत्ती का पहनना चाहिए? | Pukhraj Kitne Ratti ka Pahnana Chahie

पुखराज (Yellow Sapphire) एक अत्यंत शक्तिशाली और शुभ रत्न है, जिसे बृहस्पति ग्रह (गुरु) का प्रतिनिधि माना जाता है। यह रत्न व्यक्ति को ज्ञान, धन, संतान सुख, वैवाहिक जीवन में स्थिरता और करियर में सफलता प्रदान करता है। लेकिन पुखराज तभी फलदायी होता है जब इसे सही रत्ती (वजन) में धारण किया जाए। अक्सर लोग

जानिए जमुनिया रत्न का असर कितने दिन में दिखाता है।

जानिए जमुनिया रत्न का असर कितने दिन में दिखाता है।

जमुनिया रत्न (Amethyst Stone) एक अर्ध-कीमती रत्न है, जो बैंगनी (जामुनी) रंग का होता है। इसका नाम संस्कृत शब्द “जामुन” से लिया गया है, क्योंकि इसका रंग जामुन जैसा गहरा बैंगनी होता है। रासायनिक रूप से यह क्वार्ट्ज़ (Quartz) का एक रूप है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जमुनिया का संबंध शनि ग्रह (Saturn) से होता

जमुनिया रत्न पहनने की विधि | किस उंगली में, किस धातु में, और कितने रत्ती का पहनें

जमुनिया रत्न पहनने की विधि | किस उंगली में, किस धातु में, और कितने रत्ती का पहनें

जमुनिया रत्न, जिसे अंग्रेज़ी में Amethyst Gemstone कहा जाता है, भारतीय ज्योतिष और रत्न शास्त्र में एक बेहद महत्वपूर्ण रत्न माना जाता है। यह रत्न मुख्य रूप से शनि ग्रह से संबंधित है और जिन लोगों की कुंडली में शनि कमजोर होता है या शनि की दशा से परेशानियां आती हैं, उनके लिए यह रत्न

जमुनिया रत्न की कीमत | 1 से 10 रत्ती अमेथिस्ट की कीमत और कहाँ से खरीदें

जमुनिया रत्न की कीमत | 1 से 10 रत्ती अमेथिस्ट की कीमत और कहाँ से खरीदें

जमुनिया रत्न, जिसे इंग्लिश में Amethyst Gemstone कहा जाता है, भारतीय ज्योतिष में शनि ग्रह (Saturn) का शक्तिशाली रत्न माना जाता है। इसे पहनने से मानसिक शांति, आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास प्राप्त होता है। बहुत से लोग इसे शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के समय धारण करते हैं ताकि शनि की नकारात्मक ऊर्जा कम हो

जमुनिया रत्न के फायदे और नुकसान | Jamunia (Amethyst) Benefits in Hindi

जमुनिया रत्न के फायदे और नुकसान | Amethyst Stone Benefits in Hindi

रत्न ज्योतिष में जमुनिया रत्न, जिसे अंग्रेज़ी में Amethyst कहा जाता है, शनि ग्रह से संबंधित माना जाता है। इसका रंग गहरा जामुनी या बैंगनी होता है, इसी कारण इसे “जमुनिया” कहा जाता है। यह रत्न अपनी रहस्यमयी और शांत ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध है। माना जाता है कि जमुनिया रत्न मन को स्थिर करता

क्या गोमेद और पन्ना एक साथ पहन सकते

क्या गोमेद और पन्ना एक साथ पहन सकते हैं?

रत्न केवल सजावट या शोभा बढ़ाने के लिए नहीं पहने जाते, बल्कि ये हमारे जीवन, सोच, स्वास्थ्य और भाग्य को प्रभावित करने वाली विशेष शक्तियों का स्रोत होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर रत्न किसी न किसी ग्रह से जुड़ा होता है और उस ग्रह की ऊर्जा को धारण करने वाले व्यक्ति तक पहुँचाता

पुखराज रत्न के नुकसान: इसके दुष्प्रभाव और सावधानियाँ | Pukhraj Ke Nuksan

पुखराज रत्न के नुकसान: इसके दुष्प्रभाव और सावधानियाँ | Pukhraj Ke Nuksan

पुखराज रत्न (Yellow Sapphire), जिसे संस्कृत में “पुष्यराज” और अंग्रेज़ी में Yellow Sapphire कहा जाता है, वेदिक ज्योतिष में एक अत्यंत प्रभावशाली रत्न माना जाता है। यह रत्न देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है और शिक्षा, विवाह, संतान सुख, धन और धार्मिक आस्था में वृद्धि के लिए धारण किया जाता है। लेकिन जैसा

पुखराज रत्न कितने दिन में असर दिखाता है | Pukhraj Kitne Din Me Asar Karta Hai

पुखराज रत्न कितने दिन में असर दिखाता है | Pukhraj Kitne Din Me Asar Karta Hai

वेदिक ज्योतिष में पुखराज रत्न (Yellow Sapphire Stone) को सबसे शुभ और प्रभावशाली रत्नों में से एक माना गया है। यह रत्न देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) ग्रह से जुड़ा हुआ है, जो ज्ञान, शिक्षा, विवाह, संतान सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का कारक ग्रह है। पुखराज रत्न को पहनने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं,

पुखराज पहनने के फायदे, नुकसान और नियम | Pukhraj Stone Benefits in Hindi

पुखराज पहनने के फायदे, नुकसान और नियम | Pukhraj Stone Benefits in Hindi

रत्न ज्योतिष में पुखराज रत्न (Yellow Sapphire) या पुष्कराज रत्न को सबसे शुभ और प्रभावशाली रत्नों में गिना जाता है। यह रत्न देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) से संबंधित है और बृहस्पति को विद्या, धन, विवाह, संतान, शिक्षा और धर्म का कारक माना जाता है। इस कारण पुखराज रत्न पहनने के फायदे अत्यधिक माने जाते हैं। यह

लहसुनिया रत्न कितने दिन में असर दिखाता है? | Lehsunia Stone Effects Time

लहसुनिया रत्न कितने दिन में असर दिखाता है? | Lehsunia Stone Effects Time

लहसुनिया रत्न (Cat’s Eye Stone), जिसे ज्योतिष शास्त्र में केतु ग्रह का रत्न माना जाता है, अपनी तेज़ और रहस्यमयी ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध है। इसे हिंदी में वैदूर्य रत्न भी कहा जाता है। ज्योतिष के अनुसार, यह रत्न जीवन की अनिश्चितताओं, अचानक आने वाली परेशानियों और अदृश्य नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा प्रदान करता है।

सफेद पुखराज कितने दिन में असर दिखाता है? | Safed Pukhraj Effect Time

सफेद पुखराज कितने दिन में असर दिखाता है?

रत्नों का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में कई बदलाव ला सकता है। इन्हीं रत्नों में से एक है सफेद पुखराज (White Sapphire), जिसे वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह का एक महत्वपूर्ण रत्न माना गया है। इसे पहनने से ज्ञान, धन, विवाह, संतान सुख और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ी समस्याओं में सुधार होने की संभावना रहती

Venus (Shukra) Stone | शुक्र ग्रह को मजबूत करने का रत्न

Venus (Shukra) Stone | शुक्र ग्रह को मजबूत करने का रत्न

वैदिक ज्योतिष में हर ग्रह का जीवन पर सीधा प्रभाव माना गया है, और उनमें से शुक्र ग्रह को विशेष रूप से प्रेम, आकर्षण, सौंदर्य, कला, संगीत, भौतिक सुख और वैवाहिक जीवन का कारक कहा गया है। जिन लोगों की कुंडली में शुक्र ग्रह बलवान होता है, उनका व्यक्तित्व चुंबकीय होता है, वे दूसरों को

समुद्र मंथन कहां हुआ था | Samudra Manthan Kahan Hua Tha

समुद्र मंथन कहां हुआ था | Samudra Manthan Kahan Hua Tha

हिंदू धर्म की पौराणिक कथाओं में वर्णित समुद्र मंथन एक ऐसी घटना है, जिसने संपूर्ण ब्रह्मांड को गहराई से प्रभावित किया। इस अद्भुत प्रसंग का उल्लेख भागवत पुराण, महाभारत और विष्णु पुराण में मिलता है। समुद्र मंथन से ही अमृत, हलाहल विष, लक्ष्मी, धन्वंतरि, चंद्रमा और अनेक दिव्य रत्नों का उदय हुआ। लेकिन सबसे बड़ा

प्रेम विवाह माता-पिता को समझाने के लिए मंत्र | प्रेम विवाह के लिए उपाय | Love Marriage ke Upay

प्रेम विवाह माता-पिता को समझाने के लिए मंत्र | प्रेम विवाह के लिए उपाय | Love Marriage ke Upay

भारत में विवाह केवल दो लोगों का ही नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन माना जाता है। जब बात प्रेम विवाह की आती है, तो अक्सर सबसे बड़ी चुनौती माता-पिता को मनाने की होती है। अगर आप भी प्रेम विवाह करना चाहते हैं लेकिन आपके परिवार के सामने अड़चनें हैं, तो कुछ खास प्रेम विवाह

चट मंगनी पट विवाह के उपाय | शीघ्र विवाह के लिए 10 टोटके

चट मंगनी पट विवाह के उपाय | शीघ्र विवाह के लिए 10 टोटके

भारतीय संस्कृति में विवाह केवल दो लोगों का मिलन नहीं होता, बल्कि दो परिवारों का आपसी संबंध और आजीवन बंधन माना जाता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि विवाह योग्य उम्र होने के बाद भी रिश्ते पक्के नहीं हो पाते या किसी न किसी कारण से बार-बार अड़चनें आ जाती हैं। ऐसे में

7 मुखी रुद्राक्ष के फायदे, नियम और नुकसान | 7 Mukhi Rudraksha Benefits in Hindi

7 मुखी रुद्राक्ष के फायदे, नियम और नुकसान | 7 Mukhi Rudraksha Benefits in Hindi

सात मुखी रुद्राक्ष (7 मुखी रुद्राक्ष) हिंदू धर्म और ज्योतिष में अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र माना गया है। इसे मां महालक्ष्मी और शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह रुद्राक्ष केवल एक बीज या आभूषण नहीं, बल्कि एक दिव्य शक्ति का प्रतीक है जो जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम

Dhanteras 2025: Dates, Rituals and Cultural Significance Across India

धनतेरस 2025: तिथि, रीति-रिवाज और भारत में सांस्कृतिक महत्व

धनतेरस भारत में अत्यंत पूजनीय त्योहार है, जो दीपावली की शुरुआत का प्रतीक है। यह दिन दीपावली से ठीक पहले आता है और इसे “धन का त्योहार” भी कहा जाता है। इसे शुभ समय माना जाता है जब लोग हर्षोल्लास के साथ दिवाली की तैयारियां प्रारंभ करते हैं। “धनतेरस” शब्द दो संस्कृत शब्दों से मिलकर

पुखराज रत्न कीमत | 1 से 10 रत्ती पुष्कराज रत्न की कीमत और कहाँ से खरीदें | 7 रत्ती पुखराज की कीमत | Pukhraj Stone Price

पुखराज रत्न कीमत | 1 से 10 रत्ती पुष्कराज रत्न की कीमत और कहाँ से खरीदें

पुखराज रत्न, जिसे इंग्लिश में Yellow Sapphire कहा जाता है, भारतीय ज्योतिष में सबसे शुभ रत्नों में गिना जाता है। यह रत्न गुरु ग्रह (बृहस्पति) का प्रतिनिधित्व करता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति ग्रह कमजोर हो या उसके अशुभ प्रभाव दिख रहे हों, तो पुखराज धारण करने से

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